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सोमवार, 25 नवंबर 2013

chhand salila: PREMA CHHAND - sanjiv

छंद सलिला%

प्रेमा छंद

संजीव
*
१. मिले&जुले तो हमको तुम्हारे हसीं वादे कसमें लुभायें
   देखो नज़ारे चुप हो सितारों हमें बहारें नगमे सुनाये
   *
२. कहो कहानी कविता रुबाई लिखो वही जो दिल से कहा हो
    देना हमेशा प्रिय को सलाहें सदा वही जो खुद भी सहा हो
   *
३. खिला कचौड़ी चटनी मिठाई मुझे दिला दे कुछ तो खिलौने
   मेला लगा है चल घूम आयें बना न बातें भरमा रे!
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