स्तम्भ menu

Drop Down MenusCSS Drop Down MenuPure CSS Dropdown Menu

बुधवार, 24 दिसंबर 2014

navgeet:

नवगीत:
संजीव
.
बहुत-बहुत आभार तुम्हारा
ओ जाते मेहमान!
.
पल-पल तुमने
साथ निभाया
कभी रुलाया
कभी हँसाया
फिसल गिरे, आ तुरत उठाया
पीठ ठोंक
उत्साह बढ़ाया
दूर किया हँस कष्ट हमारा
मुरझाते मेहमान
.
भूल न तुमको
पायेंगे हम
गीत तुम्हारे
गायेंगे हम
सच्ची बोलो कभी तुम्हें भी
याद तनिक क्या
आयेंगे हम?
याद मधुर बन, बनो सहारा
मुस्काते मेहमान
.
तुम समिधा हो
काल यज्ञ की
तुम ही थाती 
हो भविष्य की 
तुमसे लेकर सतत प्रेरणा 
मन:स्थिति गढ़
हम हविष्य की
'सलिल' करेंगे नहीं किनारा 
मनभाते मेहमान 
.

4 टिप्‍पणियां:

Rashmi Kant Sha krushmi@aol.com ने कहा…

Rashmi Kant Sha krushmi@aol.com

Wonderful composition. Pl. continue writing and we shall be in touch to share all that in person when time permits it.
Rashmi Kant Sha

RKKhajuria M: 09412910718 ने कहा…

RKKhajuria M: 09412910718
--------------------------
Dear Salil,
very nice tribute to 2014.Tonnes of good wishes for 2015.
RKKhajuria

jjranand ने कहा…

jjranand :
NAYA VARSH LE AAYAA KHUSHYAAN
NACHE GAAYE LEKAR KANIYAAN
DEKH SAKEGI SAAREE DUNYAA
HASIKHUSHI SE NAACHE GALIYAA

NAYE VARSH KAA LO ABHINADAN
CHANDAN VAN SA MAHKE TAN MAN
DR JAIJAIRAM ANAND &FAMILY

Dr Jai Jai Ram Anand
E7/70 Ashoka Society Arera colony,Bhopal, MP 462016
0755-2467604, 08517912504
http://www.kavitameanand.blogspot.cm/site:jjranand.webs.com

Dinesh Billore dbillore : ने कहा…


Dinesh Billore dbillore :

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

Sunder rachana