स्तम्भ menu

Drop Down MenusCSS Drop Down MenuPure CSS Dropdown Menu

बुधवार, 11 फ़रवरी 2015

अभिनन्दन:

vivek ranjan shrivastava की प्रोफाइल फोटोसाहित्य अकादमी द्वारा जबलपुर के श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को ३१००० रुपयो का हरिकृष्ण प्रेमी पुरस्कार

साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् भोपाल द्वारा विभिन्न विधाओ में प्रकाशित श्रेष्ठ कृतियों के लिए वर्ष 2011 एंव 2012 के पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। जबलपुर के श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को ३१००० रुपयो का हरिकृष्ण प्रेमी पुरस्कार उनकी नाट्य कृति 'हिंदोस्तां हमारा' के लिये घोषित किया गया है . उल्लेखनीय है कि श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव के नाटक कई स्कूलो में खेले जाते हैं . उनका म. प्र. सासन आदिवासी शिक्षा विभाग से पुरस्कृत नुक्कड़ नाटक जादू शिक्षा का जिला शिक्षा केंद्र मण्डला के कलाकारो द्वारा अनेक चौराहो पर खेला जा चुका है . 

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को  हिंदोस्तां हमारा नाटक संग्रह हेतु साहित्य अकादमी के इस  पुरस्कार के अतिरिक्त सामाजिक लेखन हेतु रेड एण्ड व्हाइट  १५००० रु का राष्टीय पुरुस्कार महा महिम राज्यपाल भाई महावीर के कर कमलो से  मिल चुका है . उनके व्यंग संग्रह रामभरोसे को राष्टीय पुरुस्कार दिव्य अलंकरण राज्यपाल ओ पी श्रीवास्तव से , कौआ कान ले गया व्यंग संग्रह को इलाहाबाद में कैलाश गौतम राष्ट्रीय सम्मान साहित्य अकादमी द्वारा जबलपुर के श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को ३१००० रुपयो का हरिकृष्ण प्रेमी पुरस्कार साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् भोपाल द्वारा विभिन्न विधाओ में प्रकाशित श्रेष्ठ कृतियों के लिए वर्ष 2011 एंव 2012 के पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। जबलपुर के श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को ३१००० रुपयो का हरिकृष्ण प्रेमी पुरस्कार उनकी नाट्य कृति 'हिंदोस्तां हमारा' के लिये घोषित किया गया है . उल्लेखनीय है कि श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव के नाटक कई स्कूलो में खेले जाते हैं . 

उनका म. प्र. सासन आदिवासी शिक्षा विभाग से पुरस्कृत नुक्कड़ नाटक जादू शिक्षा का जिला शिक्षा केंद्र मण्डला के कलाकारो द्वारा अनेक चौराहो पर खेला जा चुका है . श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव को  हिंदोस्तां हमारा नाटक संग्रह हेतु साहित्य अकादमी के इस  पुरस्कार के अतिरिक्त सामाजिक लेखन हेतु रेड एण्ड व्हाइट  १५००० रु का राष्टीय पुरुस्कार महा महिम राज्यपाल भाई महावीर के कर कमलो से  मिल चुका है . उनके व्यंग संग्रह रामभरोसे को राष्टीय पुरुस्कार दिव्य अलंकरण राज्यपाल ओ पी श्रीवास्तव से , कौआ कान ले गया व्यंग संग्रह को इलाहाबाद में कैलाश गौतम राष्ट्रीय सम्मान जादू शिक्षा का नाटक को ५००० रु का सेठ गोविंद दास कादम्बरी राष्ट्रीय सम्मान व म. प्र. शासन का ५००० रु का प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार  भी प्राप्त हो चुका है . 


        सुरभि टीवी सीरियल में मण्डला के जीवाश्मो पर उनकी फिल्म का प्रसारण हुआ , तथा हैलो बहुरंग में उनकी निर्मित लघु फिल्मो के लिये वे युवा फिल्मकार का सम्मान भी अर्जित कर चुके हैं . उनकी किताबें  कविता संग्रह आक्रोश , रामभरोसे व्यंग संग्रह, हिंदोस्ता हमारा नाटक संग्रह ,जादू शिक्षा का नाटक , कौआ कान ले गया  व्यंग संग्रह , जल जंगल और जमीन , बिजली का बदलता परिदृश्य , कान्हा अभयारण्य परिचायिका बहुचर्चित हैं .  रानी दुर्गावती व मण्डला परिचय पर उनके फोल्डर लोकप्रिय रहे हैं .
कविता , लेख , गजल , व्यंग , नाटक संग्रह आदि  की कई किताबें प्रकाशनाधीन  हैं . वे साहित्यिक संस्था वर्तिका के प्रातीय अध्यक्ष हैं , तथा निरंतर साहित्य सेवा में लगे हुये हैं . वे व्यंग , कविता तथा बिजली से जुड़े विषयो पर अनेक हिन्दी ब्लाग २००५ से लिख रहे हैं . साहित्य अकादमी के इस पुरस्कार से उनके साहित्यिक मित्रो में उत्साह पूर्ण हर्ष है . 

विवेक जी दिव्य नर्मदा संचालक मंडल के सदस्य हैं. उन्हें इस उपलब्धि पर दिव्या नर्मदा परिवार की ओर से हार्दिक बधाई.  
   

कोई टिप्पणी नहीं: