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बुधवार, 15 अप्रैल 2015

bharteeya railpath : suggestions


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भारतीय रेल द्वारा निम्न लिंक पर सुझाव आमंत्रित हैं, आप भी अपने सुझाव भेजें. 

https://www.localcircles.com/a/home?t=c&pid=Wkh0JPv7r7h8THiYuCc2ijERcawz8XRARzrl_9uaKY8

नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन को अधिक सुविधाजनक बनाने हेतु सुझाव: 

१. सभी सूचना फलक,प्रपत्र तथा घोषणाओं में सामान्यतः बोली जा रही हिंदी का प्रयोग अधिकतम और सर्वप्रथम हो. 

२. मुसाफिरखाने और विश्राम स्थलों में अद्यतन (अप टू डेट) तथा सही सूचनाएं देते विद्युत् सूचना पटल हों. पूछताछ  खिड़की पर बैठे कर्मी सहयोगी रवैया रखें, पूछनेवाले की अनदेखी न करें, टालें या दुत्कारें नहीं.

३. शौचालयों की संख्या तथा स्थान बढ़ाए जायें व् स्वच्छ रखे जाएँ. 

४. विश्राम कक्षों में शायिकाओ की संख्या वृद्धि हो.

५. किसी रेलगाड़ी में चढ़ाने के लिए उससे कुछ पूर्व निकट के अन्य स्टेशनों से अन्य ट्रेनों में बिना अतिरिक्त टिकिट लिये सामान्य डब्बे में सवार होकर आने की सुविधा हो.  

६. किसी स्टेशन पर ट्रेन समाप्त होने पर उसी शहर के अन्य स्टेशन तक जाने के लिए सामान्य डब्बे में उसी टिकिट पर पात्रता हो. 

७. रेलवे स्टेशन और समीप स्थित मेट्रो स्टेशन से आवागमन हेतु सार्वजनिक वाहन टेम्पो आदि की सुनिश्चितता पूर्व भुगतान [प्री पेड] बूथ की तरह हो. 

८. निर्धारित वज़न से अधिक सामान की तौलकर भाडा लेने और लगेजवान में लोड करने तथा गंतव्य स्थल पर पावती दिखाने पर तुरंत देने की व्यवस्था हो तो सवारी डब्बों में असुविधा कम होगी. 

९. बहुसंख्यक आम यात्रियों के आवागमन हेतु  स्टेशन के मुख्या द्वार से सीधा और सबसे छोटा मार्ग हो जबकि चाँद महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिये इंजिन के तुरंत बाद डब्बा हो, और अलग से प्रवेश हो जहाँ केवल यात्री जा सके उसके साथ की भीड़ नहीं जा सके. इस डब्बे में आधा महत्वपूर्ण व्यक्ति हेतु हो तथा आधा शारीरिक अक्षम यात्री हेतु हो. इसके तुरंत बाद में महिला डब्बा तथा सामान्य डब्बा हो. यह व्यवस्था हर रेलगाड़ी में हर स्टेशन पर हो तो प्लेटफोर्म पर भीड़ कम होगी. 

१०. महत्वपूर्ण व्यक्तियों के चढ़ने की व्यवस्था मुख्या स्टेशन से न होकर समीपस्थ उपस्टेशन से की जाना भी एक उपाय हो सकता है. 

११. कैंटीन भूतल पर न होकर प्रथम तल पर हो. भूतल पर रेल में बैठे यात्री हेतु सामग्री विक्रेता मात्र हों. विक्रय हेतु उपलब्ध सामग्री के दाम मोटे अक्षरों में अंकित हों, सामग्री का वज़न, निर्माण तिथि तथा उपयोग की अंतिम तिथि भी अंकित हो. 

१२. किनारे के प्लेटफोर्म से बीच के प्लेटफ़ॉर्मों तक जाने के लिए एस्केलेटर या ट्रोली हो.
 
facebook: sahiyta salila / sanjiv verma 'salil' 
 

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