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शनिवार, 24 अक्तूबर 2015

laghu katha

लघुकथा:
अट्टहास
*
= 'वाह, रावण क्या खूब जल रहा है?'
- 'तो इसमें ख़ुशी की क्या बात है?'
= ख़ुशी की बात तो है ही. जैसा करा वैसा भर। पाप का फल ऐसा ही होता है.
__ झूठ, बिलकुल झूठ. रावण के पुतले में से आवाज़ आई.
= झूठ क्यों? यही तो सच है.
__ 'यदि यह सच होता तो आज मैं नहीं, इस देश के नेता, अफसर और व्यापारी मुझसे पहले जलते, तुम सब भी तुर्की आंच में झुलसते और मैं कर रहा होता अट्टहास'
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