स्तम्भ menu

Drop Down MenusCSS Drop Down MenuPure CSS Dropdown Menu

सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

laghukatha

लघुकथा
आदर्श
*
त्रिवेदी जी ब्राम्हण सभा के मंच से दहेज़ के विरुद्ध धुआंधार भाषण देकर नीचे उतरे। पडोसी अपने मित्र के कान में फुसफुसाया 'बुढ़ऊ ने अपने बेटों की शादी में तो जमकर माल खेंचा लिया, लडकी वालों को नीलाम होने की हालत में ला दिया और अब दहेज़ के विरोध में भाषण दे रहा है, कपटी कहीं का'।
'काहे नहीं देगा अब एइकि मोंडी जो ब्याहबे खों है'. -दूसरे ने कहा.
***

कोई टिप्पणी नहीं: