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बुधवार, 23 मार्च 2016

होली पर एक भोजपुरी गीत .....


होली पर सब मनई के अडवान्स में बधाई ......

होली पर एगो ’भोजपुरी’ गीत रऊआ लोग के सेवा में ....
नीक लागी तऽ  ठीक , ना नीक लागी तऽ कवनो बात नाहीं....
ई गीत के पहिले चार लाईन अऊरी सुन लेईं

माना कि गीत ई पुरान बा
      हर घर कऽ इहे बयान बा
होली कऽ मस्ती बयार मे-
मत पूछऽ बुढ़वो जवान बा--- कबीरा स र र र र ऽ

अब हमहूँ 60-के ऊपरे क बानी..

भोजपुरी गीत : होली पर....

कईसे मनाईब होली ? हो राजा !
कईसे मनाईब होली..ऽऽऽऽऽऽ

आवे केऽ कह गईला अजहूँ नऽ अईला
’एस्मेसवे’ भेजला ,नऽ पइसे पठऊला
पूछा न कईसे चलाइलऽ  खरचा
अपने तऽ जा के,परदेसे रम गईला 
कईसे सजाई रंगोली?  हो राजा  !
कईसे सजाई रंगोली,,ऽऽऽऽऽ

मईया के कम से कम लुग्गा तऽ चाही
’नन्हका’ छरिआईल बाऽ ,जूता तऽ चाही
मँहगाई अस मरलस कि आँटा बा गीला
’मुनिया’ कऽ कईसे अब लहँगा सिआईं
कईसे सिआईं हम चोली ? हो राजा !
कईसे सिआईं हम चोली ,,ऽऽऽऽऽऽऽ

’रमनथवा’ मारे लाऽ रह रह के बोली
’कलुआ’ मुँहझँऊसा करे लाऽ ठिठोली
पूछेलीं गुईयाँ ,सब सखियाँ ,सहेली
अईहें नऽ ’जीजा’ काऽ अब किओ होली?
खा लेबों ज़हरे कऽ गोली हो राजा
खा लेबों ज़हरे कऽ  गोली..ऽऽऽऽऽ

अरे! कईसे मनाईब होली हो राजा ,कईसे मनाईब होली...

-आनन्द.पाठक-
09413395592
शब्दार्थ [असहज पाठकों के लिए]
एस्मेसवे’ ==S M S
लुग्गा   = साड़ी
छरिआईल बा = जिद कर रहा है
मुँहझँऊसा = आप सब जानते होंगे [  किसी की श्रीमती जी से पूछ लीजियेगा]

1 टिप्पणी:

sanjiv verma ने कहा…

वाह वाह खूब रंग जमाया आपने, मज आ गया, बधाई