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बुधवार, 12 अक्तूबर 2016

hindi vandana

हिंदी वंदना 
हिन्द और हिंदी की जय-जयकार करें हम 
भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम 
*
भाषा सहोदरी होती है हर प्राणी की 
अक्षर-शब्द बसी छवि शारद कल्याणी की 
नाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतम 
जो बोले वह लिखें-पढ़ें विधि जगवाणी की 
संस्कृत-पुत्री को अपना गलहार करें हम 
हिन्द और हिंदी की जय-जयकार करें हम 
भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम 
*
अवधी, असमी, कन्नड़, गढ़वाली, गुजराती 
बुन्देली, बांगला, मराठी, बृज मुस्काती 
छतीसगढ़ी, तेलुगू, भोजपुरी, मलयालम 
तमिल, डोगरी, राजस्थानी, उर्दू भाती 
उड़िया, सिंधी, पंजाबी गलहार करें हम 
हिन्द और हिंदी की जय-जयकार करें हम 
भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम 
*
देवनागरी लिपि, स्वर-व्यंजन, अलंकार पढ़   
शब्द-शक्तियाँ, तत्सम-तद्भव, संधि, बिंब गढ़ 
गीत, कहानी, लेख, समीक्षा, नाटक रचकर 
समय, समाज, मूल्य मानव के नए सकें मढ़ 
देश, विश्व, मानव, प्रकृति-उद्धार करें हम 
हिन्द और हिंदी की जय-जयकार करें हम 
भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम 
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