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मंगलवार, 19 मई 2009

काव्य-किरण: आशा वर्मा

गीत:

चलो तिरंगा ध्वज फहराएँ

सैनिक ऐसे शस्त्र चलाओ
रिपु-दल में भगदड़ मच जाए।

जांबाजों का शौर्य देखकर
दुश्मन की घिग्घी बँध जाए।

हों बुलंद हौसले तुम्हारे
जान हथेली पर रखना तुम।

देख तुम्हारा प्रबल पराक्रम
स्वयं काल तुमसे घबराए।


पृथ्वीराज, प्रताप, शिवाजी
विक्रम दुर्गा लक्ष्मी तात्या-


बिस्मिल, भगत, आजाद, बोस,
सेखों, त्यागी सी बनें कथाएँ।


शंकर प्रलयंकर बन टूटो
ध्वस्त शत्रु के करो इरादे।


सरहद पर कुरुक्षेत्र समर हो
मिटें विभाजन की रेखाएँ।


सर पर कफन बाँधकर मचलो,
लिखो शौर्य की नव गाथाएँ।


मिटा पाक नापाक समूचा
चलो तिरंगा ध्वज फहराएँ।

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नर्मदा तट पर चौंसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट जबलपुर