हिन्दी हो जग-वाणी यदि, हम मिलकर करें प्रयास
 एक साथ मिल कलम चलायें, मन में लिये हुलास
सत-शिव-सुंदर शब्द-शब्द हो, सत-चित-आनंद अक्षर-
ऊर्जस्वित मन-प्राण कर, 'सलिल' जग में करें उजास
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: जय हिंद : जय भारत : जय भारती : वंदे मातरम :

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Diwali Dohe: Sanjiv 'Salil', Voice sangya tandon

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शनिवार, 6 जून 2009

बाल गीत: तोता और कैरी - कृष्णवल्लभ पौराणिक, इंदौर



तोता कैरी खाता है
कुतर -कुतर रह जाता है।

टें-टें करता रहे सदा

बच्चों के मन भाता है।

नहीं अकेला आता है।

मित्र साथ में लाता है।

टहनी पर बैठा होता जब

ताजी कैरी खाता है।

झूम-झूम लहराता है

खा-खाकर इठलाता है।

छोड़ अधूरी कैरी को

दूजी पर ललचाता है।


कभी न गाना गाता है

आम वृक्ष से नाता है।

काट कभी कैरी डंठल को
वह दाता बन जाता है।

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