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शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017

chhand-bahar

ॐ 
छंद बहर का मूल है: २ 
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छंद परिचय:
ग्यारह मात्रिक रौद्र जातीय छंद।
सप्तवार्णिक उष्णिक जातीय समानिका छंद।
संरचना: SIS ISS
सूत्र: रगण जगण गुरु / रजग। 
बहर: फ़ाइलुं मुफ़ाइलुं ।
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सूर्य आप भी बने 
          * 
सत्य को न मारना 
झूठ से न हारना 
गैर को न पूजना 
दीन से न भागना 
बात आत्म की सुनें 
सूर्य आप भी बने 
          * 
काम काम से रखें 
राम-राम भी भजें 
डूब राग-रंग में 
धर्म-कर्म ना तजें                                     
शुभ विचार कर गुनें 
सूर्य आप भी बने 
          * 
देव दैत्य आप हैं 
पुण्य-पाप आप हैं
आप ही बुरे-भले 
आप ही उगे-ढले 
साक्ष्य भाव से जियें 
सूर्य आप भी बने 
१४.४.२०१७ 
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